रायपुर।  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ किया। डॉ. सिंह ने कहा कि देश के पर्यटन नक्शे पर जल्द बिखरेगा मैनपाट का अनुपम सौंदर्य। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह में 251 नव दम्पतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को 31 करोड़ 80 लाख रूपए की लागत के 13 विभिन्न निर्माण कार्यो की सौगात दी। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत 5 हजार 676 हितग्राहियों को सामग्री तथा चेक प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उन्होंने ग्राम पेट से पीड़िया तक 15 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए वन विभाग को तैयार कराने, लोक निर्माण विभाग द्वारा विश्राम गृह निर्माण कराने तथा मैनपाट में महाविद्यालय खोलने के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान करने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि अनुपम प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण मैनपाट में वर्ष 2012 में मैनपाट महोत्सव की शुरूआत की गई थी तथा इस वर्ष छठवां मैनपाट महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया।डॉ. रमन सिंह ने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैनपाट का प्राकृतिक सौन्दर्य अनुपम है। हरी-भरी वादियों एवं मनोरम स्थलों से परिपूर्ण मैनपाट की ठण्डी सर्द हवाएं पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती हैं। उन्होंने कहा कि मैनपाट में अनेक प्राकृतिक मनोरम स्थल स्थित है, जिसके कारण इसे छŸाीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट का आकर्षण इतना अधिक है कि मेरी धर्म पत्नी श्रीमती वीणा सिंह ने यहां आने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मैनपाट में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए आवागमन सहित पर्यटकों के लिए सभी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट के खाली पड़े स्थानों पर साल के वृक्ष लगाए जाएंगे, ताकि हरियाली सदैव कायम रह सके। उन्होंने कहा कि साल का वृक्ष स्थानीय लोगों के जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी होता है और यह हर्ष का विषय है कि साल के वृक्षों का पुनरुत्पादन प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि मैनपाट महोत्सव में स्थानीय जनजातीय संस्कृति के साथ ही तिब्बती संस्कृति का मिश्रित स्वरूप झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि मैनपाट महोत्सव को प्रदेश के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने महोत्सव के दौरान स्थानीय कलाकारों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए मंच उपलब्ध कराने तथा प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा दी जाने वाली मनमोहक प्रस्तुति और रैपलिंग, बोटिंग, आर्चरी, ट्रमपोलिन आदि रोमांचक खेलों के आयोजन की भी प्रशंसा की।