मुजफ्फरपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के सेना तैयार करने वाले बयान पर राजनीति शुरू हो गई है. मोहन भागवत के इस बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पलटवार किया है. राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘RSS चीफ का यह बयान हर भारतीय का अपमान है, क्योंकि उन्होंने देश के लिए शहादत देने वालों का अपमान किया है. यह देश के झंडे का भी अपमान है, क्योंकि तिरंगे को सलाम करने वाले सैनिकों का अपमान किया गया है. भागवत को सेना और शहीदों का अपमान करने के लिए शर्म आनी चाहिए.’ इस मामले में RSS की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मोहन भागवत के बयान को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बिहार के मुजफ्फरपुर में कहा था कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो देश के लिये लड़ने की खातिर आरएसएस के पास तीन दिन के भीतर ‘सेना’ तैयार करने की क्षमता है. छह दिवसीय मुजफ्फरपुर यात्रा के अंतिम दिन सुबह जिला स्कूल मैदान में आरएसएस के स्वयं सेवकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि सेना को सैन्यकर्मियों को तैयार करने में छह-सात महीने लग जाएंगे, लेकिन संघ के स्वयं सेवकों को लेकर यह तीन दिन में तैयार हो जाएगी. यह हमारी क्षमता है पर हम सैन्य संगठन नहीं, पारिवारिक संगठन हैं लेकिन संघ में मिलिट्री जैसा अनुशासन है. अगर कभी देश को जरूरत हो और संविधान इजाजत दे तो स्वयं सेवक मोर्चा संभाल लेंगे.