इंदौर। आध्यात्मिक गुरू भय्यूजी महाराज ने मंगलवार की सुबह खुद को गोली मार ली, जिससे उनकी मौत हो गयी। घटना के बाद उन्हें तुरंत इंदौर के मुंबई अस्पताल में भरती कराया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि आखिर उन्होंने आत्महत्या क्यों की। भय्यूजी महाराज ने अपने घर में खुद को गोली मारी थी, अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी थी, डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उनकी मौत की खबर सुनकर उनके समर्थकों की भीड़ अस्पताल के बाहर जमा हो गयी है। पुलिस ने उनका एक पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मैं जिंदगी से तनाव से थक गया हूं और आत्महत्या कर रहा हूं मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया हुआ था। हाल ही में भय्यूजी महाराज ने दूसरी शादी की थी। उनकी दूसरी पत्नी डॉक्टर हैं पहली शादी से उनकी एक बेटी है, पहली पत्नी का देहांत हो चुका है। भय्यूजी महाराज 50 साल के थे। मां के दबाव में उन्होंने दूसरी शादी की थी, जिसके कारण उनका प्रभाव घटता जा रहा था और वे तनाव में थे। भय्यूजी महाराज का नाम तब पहली बार चर्चा में आया था जब उन्होंने अन्ना आंदोलन के दौरान उनका अनशन तोड़वाया था। भय्यूजी का असली नाम उदय सिंह शेखावत है। उनके हजारों समर्थक हैं। उन्हें अन्ना के बहुत करीबी माना जाता है। अन्ना उनके सामाजिक कामों से काफी प्रभावित रहे हैं।