रायपुर। प्रतिभा कभी भी पहचान की मोहताज नहीं होगी। वह अपने कार्यों से अपनी पहचान खुद-ब-खुद बना लेती है। ऐसे ही प्रतिभावान बालक देव पंडया ने सौर उर्जा चलित सायकिल का निर्माण कर समाज में अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की है। देव पंडया की उम्र अभी महज 16 वर्ष की है। इस उम्र में उसने अपनी सोच और क्षमता के उपयोग से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली सायकिल का निर्माण किया है। राजधानी के गुढ़ियारी निवासी सचिन पंडया के बेटे देव पंडया ने सोमवार को रायपुर प्रेस क्लब में सोनल राजेश शर्मा के साथ पहुंचकर पत्रकारों के सामने अपनी सौर उर्जा चलित सायकिल का प्रदर्शन किया। इस सायकिल में बैटरी इंडीकेटर, हॉर्न, हेड लाइट, ब्रेक लाइट, आॅन/आॅफ चाबी, मोबाइल चार्जर, मोबाइल स्टैंड, हाई स्पीड फैन, हेलमेट स्टैंड , एमपी-3 प्लेयर और स्पीडोमीटर जैसी सुविधायें भी उपलब्ध हैं। देव ने बताया कि इस साइकिल में लगे सोलर प्लेअ को 6 से 7 घंटे चार्ज करने पर 30 किलोमीटर तक चल सकती है। इस सायकिल से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा की जा सकती है। इस साइकिल का वजन 80 किलोग्राम है।