रायपुर। समाज कल्याण और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के विशेष सचिव आर. प्रसन्ना ने कहा है कि स्कूल व आंगनबाड़ी भवन, बस स्टैण्ड तथा सभी खेल अधोसंरचनाएं दिव्यांगजनों के लिए बैरियर फ्री रहें ताकि उन्हें आने-जाने में किसी भी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। श्री प्रसन्ना आज यहां रायपुर जिले में दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं तथा निर्माण कार्यो की समीक्षा बैठक के दौरान उपरोक्त बातें कहीं। इस अवसर पर कलेक्टर ओ.पी.चौधरी और समाज कल्याण विभाग के संचालक धर्मेश साहू सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। श्री प्रसन्ना ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए संचालित सभी शासकीय संस्थाओं में चिकित्सक द्वारा साप्ताहिक स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांग बच्चों को स्कूलों में मध्यान्ह भोजन मिले। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को उनकी नि:शक्तता के अनुसार ही उन्हें अध्यापन सुविधा मिले इसके लिए प्रथम चरण में जिले के सभी विकासखण्ड में एक-एक स्कूल को मॉडल स्कूल बनाया जाए, जहां दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षक के साथ ही वहां उनके अनुरूप अध्यापन सामग्रियां उपलब्ध हो। आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता और सहायिका दिव्यांग बच्चों को स्कूल पूर्व अनौपचारिक शिक्षा बेहतर तरीके से प्रदान कर सकें इसके लिए एक वर्कशॉप भी आयोजित किया जाए। श्री प्रसन्ना ने समाज कल्याण व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सर्वे के अनुरूप शतप्रतिशत दिव्यांगजनों को उनके विशिष्ट पहचान पत्र बनाकर प्रदान करने को कहा है। उन्होंने शहर के बड़े शॉपिंग मॉल या व्यवसायिक कॉम्पलेक्स जहां लिफ्टि लगीं है वहां दिव्यांगजनों को रोजगार प्रदान कराने के लिए आश्यक पहल करने को कहा जिससे दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बन सकें। श्री प्रसन्ना ने बताया कि सप्रे शाला मैदान में नेट बॉल कोर्ट बनाया जा रहा है इसके लिए खेल विभाग द्वारा लोकनिर्माण विभाग को 22 लाख रूपए आबंटित कर दिए है, जिस पर कलेक्टर श्री चौधरी ने लोकनिर्माण विभाग को तत्काल टेण्डर जारी करने के निर्देश दिए । इसी तरह कलेक्टर श्री चौधरी ने सुगम्य भारत अभियान के तहत रायपुर शहर के 23 भवनों को बाधारहित बनाने के लिए तत्काल टेण्डर जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।