अयोध्या। वीएचपी केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की एक दिवसीय विशेष बैठक तथा विराट संत सम्मेलन माघ मेला प्रयाग में 19 वा 20 जनवरी को होगी। बैठक में देश के सैकड़ो शीर्ष संत धमार्चार्य दो दिवसीय कार्यक्रम मे श्रीराम जन्मभूमि की फरवरी माह में सर्वोच्च न्यायालय में पुन: प्रारंभ हो रही सुनवाई पर चर्चा करेंगे। साथ ही कश्मीर में चल रही आस्थिरता ,इस्लामिक आतंकवाद, लव जेहाद, धर्मांतरण,गोरक्षा,गंगा की अविरलता जैसे विषयों पर मंथन करेगें। वीएचपी (विश्व हिंदू परिषद) के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की विशेष बैठक वार्षिक कार्यक्रम का हिस्सा है। वर्ष में दो बैठकें होती हैं। माघ मास में प्रयागराज में तथा ज्येष्ठ मास में ये बैठक हरिद्वार में होती है। जिसमे वीएचपी केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल के संत, धर्म-संस्कृति और राष्ट्र की वर्तमान स्थित पर चिंतन मनन कर भविष्य के कार्यक्रमों की योजनाओं की रूप रेखा बनाते हैं। उन्होने बताया बीते साल नवंबर माह में कर्नाटक के उड़पि मे विराट धर्मसंसद का आयोजन हुआ जिसमे तीन हजार से ऊपर संत धमार्चार्य तथा दो लाख राम भक्तों ने धर्म संस्कृति और श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण हेतु 18 मार्च से 31मार्च तक राष्ट्रव्यापी अनुष्ठान का निर्णय लिया था। धर्मसंसद के निर्णय पर भी व्यापक मंथन होगा। इसके साथ ही देश के शीर्ष संतो की उपस्थिति मे श्रीराम जन्मभूमि की वर्तमान स्थित जिसमे सर्वोच्च न्यायालय में चल रही विधिक कार्यवाई, लखनऊ मे सीबीआई न्यायालय मे चल रही विधिक कार्यवाई ,मंदिर निर्माण मे प्रयुक्त होने वाले पत्थरों के नक्काशी कार्य पर विशेष समीक्षा होने के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे उत्पीड़न, इस्लामिक आतंकवाद गोरक्षा गंगा रक्षा तथा दक्षिण राज्यों मे मठमंदिरो की सुरक्षा पर भी व्यापक मंथन होना है। उन्होने कहा मार्च माह में धर्मसंसद द्वारा घोषित धार्मिक कार्यक्रम में लाखो गांवो, नगरों को जोड़ा जायेगा। प्रयाग में 19 जनवरी को होने वाली केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक तथा 20 जनवरी को संत सम्मेलन के प्रत्येक निर्णय पर भी वीएचपी का तंत्र खड़ा रहेगा।