राजनांदगांव। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था तेजी से अच्छे हालात की ओर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री गुरुवार को जिला मुख्यालय राजनांदगांव में इंस्टीट्यूट आॅफ चार्टर एकाउंटेंट आॅफ इंडिया के सम्मेलन को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि काले धन की समस्या को हल करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा विमुद्रीकरण (नोटबंदी) का निर्णय लिया गया था। इसी तरह उन्होंने जीएसटी भी लागू किया। उनके ये दोनों फैसले देश की बीमार अर्थव्यवस्था को स्वस्थ बनाने के लिए कड़वीं दवा के समान काफी प्रभावशाली साबित हुए। देश में टैक्स सुधारों का भी एक नया दौर शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का वित्तीय प्रबंधन भी काफी बेहतर है। सामाजिक क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सर्वाधिक राशि खर्च कर रहा है। मैं मानता हूँ कि मानव संसाधन को शक्ति प्रदान करना अधोसंरचना में किए गए कार्यों से ज्यादा बेहतर परिणाममूलक होता है। मुख्यमंत्री बनने पर मैंने शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण की समस्या से निपटना अपना लक्ष्य बनाया। इसके लिए योजनाएं बनाई गईं। पोषण के लिए पीडीएस योजना बनाई गई। स्वास्थ्य के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना तैयार की गई। स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। 13 सालों में प्रायमरी स्कूलों की संख्या 22 हजार से बढ़कर 66 हजार हो गई है। इसके साथ ही अधोसंरचना में भी बड़े कार्य किए गए। राज्य के सीमित बजट में इतने सारे कार्य संभव नहीं थे। इसके लिए विशेष प्रयास किए गए। केंद्र से मदद ली गई। रोड डेवलपमेंट कार्पाेरेशन बनाया गया। आज पूरे प्रदेश में 35 हजार करोड़ रुपए के सड़कों का काम चल रहा है। छŸाीसगढ़ में सड़कों का ढांचा ही उन्नत नहीं हुआ है। कनेक्टिविटी में भी अच्छा काम हुआ है। बस्तर में जहाँ कनेक्टिविटी खराब थी, वहाँ बस्तर नेट की योजना लाई गई। भारत नेट के माध्यम से प्रदेश के छह हजार पंचायतों को जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे में पीपीपी मॉडल के द्वारा रेल लाइन के विकास के लिए बड़ा कार्य किया जा रहा है। पिछले सौ सालों में 1280 किमी लंबी रेल लाइन बनी, शासन अभी 1380 किमी रेलवे लाइन के विस्तार पर कार्य कर रहा है। आठ महीने में सभी घरों में बिजली का कनेक्शन हो जाएगा। फरवरी 2018 तक पूरा प्रदेश ओडीएफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की आबादी में छत्तीसगढ़ का प्रतिशत मात्र दो प्रतिशत है, लेकिन कोर सेक्टर के प्रोडक्शन में छत्तीसगढ़ का पचीस फीसदी हिस्सा है।